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Vinay Kumar Vaidya
My Prominant Translation-Works Are: 1.अहं ब्रह्मास्मि - श्री निसर्गदत्त महाराज की विश्वप्रसिद्ध महाकृति "I Am That" का हिंदी अनुवाद, चेतना प्रकाशन मुम्बई, ( www.chetana.com ) से प्रकाशित "शिक्षा क्या है ?": श्री जे.कृष्णमूर्ति कृत " J.Krishnamurti: Talks with Students" Varanasi 1954 का "ईश्वर क्या है?" : "On God", दोनों पुस्तकें राजपाल संस, कश्मीरी गेट दिल्ली से प्रकाशित । इसके अतिरिक्त श्री ए.आर. नटराजन कृत, श्री रमण महर्षि के ग्रन्थों "उपदेश-सारः" एवं "सत्‌-दर्शनं" की अंग्रेज़ी टीका का हिंदी अनुवाद, जो Ramana Maharshi Centre for Learning,Bangalore से प्रकाशित हुआ है । I love Translation work. So far I have translated : I Am That (Sri Nisargadatta Maharaj's World Renowned English/Marathi/(in more than 17 + languages of the world) ...Vedanta- Classic in Hindi. J.Krishnamurti's works, : i) Ishwar Kyaa Hai, ii)Shiksha Kya Hai ? And some other Vedant-Classics. I am writing these blogs just as a hobby. It helps improve my skills and expressing-out myself. Thanks for your visit !! Contact : vinayvaidya111@gmail.com
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सोमवार, 17 सितंबर 2012

अमृतानुभव / अनुभवामृत (संत ज्ञानेश्वर रचित) प्रकरण 4,
































प्रस्तुतकर्ता Vinay Kumar Vaidya पर 7:42 am कोई टिप्पणी नहीं:
लेबल: संत ज्ञानेश्वर, Amrutanubhava, Anubhavamrit, Hindi, Jnaneshwar, Sanskrit.
स्थान: उज्‍जैन, मध्य प्रदेश, भारत

शुक्रवार, 14 सितंबर 2012

अमृतानुभव / अनुभवामृत (संत ज्ञानेश्वर रचित) प्रकरण 3,

























प्रस्तुतकर्ता Vinay Kumar Vaidya पर 8:22 am कोई टिप्पणी नहीं:
लेबल: अमृतानुभव / अनुभवामृत, संत ज्ञानेश्वर, Amrutanubhava, Anubhavamrit, Hindi, Jnaneshwar, Marathi, Sanskrit.
स्थान: उज्‍जैन, मध्य प्रदेश, भारत
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